सैलरी और कमीशन 25 परसेंट, रांची के एक फ्लैट से पूरे सेट अप के साथ पकड़े गए 11 साइबर ठग;
सैलरी और कमीशन 25 परसेंट, रांची के एक फ्लैट से पूरे सेट अप के साथ पकड़े गए 11 साइबर ठग;
रांची पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने एक फ्लैट से 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कॉल सेंटर बनाकर लोगों से साइबर ठगी करते थे। गिरफ्तार किए गए ठगों में एक नाबालिग भी शामिल है।
रांची पुलिस की टीम ने जामताड़ा मॉड्यूल के पैटर्न में चल रहे साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। साइबर अपराधियों द्वारा रांची में कॉल सेंटर बनाकर ठगी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। रांची पुलिस की टीम ने रातू रोड के दो स्थानों पर छापेमारी कर नाबालिग समेत 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।

खाना पीना और सैलरी के साथ मिलता था कमीशन
गिरफ्तार साइबर ठगों से हुई पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। खुलासा हुआ है कि गिरोह का मास्टर माइंड पकड़े गए साइबर अपराधियों को ठगी की कुल राशि का 25 प्रतिशत कमीशन देकर काम पर रखा था। उनके खाने-पीने और रहने का खर्च भी मास्टर माइंड ही दिया करता था। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि इसमें से कुछ साइबर ठगों को कमीशन के साथ-साथ मासिक वेतन भी दिया जाता था। एसएसपी राकेश रंजन को मंगलवार को साइबर अपराधियों के रातू रोड में होने की गुप्त सूचना मिली। कोतवाली एएसपी निखिल राय के नेतृत्व में रातू रोड स्थित मालती अपार्टमेंट के एक फ्लैट में छापेमारी की गई। वहां से कुछ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर पिस्का मोड़ के दो स्थानों से मोबाइल व अन्य चीजें बरामद किए।
छात्र बनकर किराए पर रांची में लिया था फ्लैट,बनाया पूरा सेट अप
अपराधियों ने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान मालिकों से फ्लैट किराए पर लिया था और वहां ठगी का पूरा सेटअप तैयार किया था।

कुरियर कंपनियों के कर्मी से लेता था डेटा,और कंपनियों से मोबाइल नंबर खरीदता था
मास्टरमाइंड कुरियर और अन्य कंपनियों के कर्मचारियों से साठगांठ कर आम लोगों का डेटा और मोबाइल नंबर खरीदता था, जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
सिटी एसपी ने बताया कि मास्टर माइंड का संबंध कुरियर व अन्य कंपनी के साथ है। वहां के कर्मियों से जरिए लोगों का मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी खरीदता था। इसके एवज में कुरियर कंपनियों के कर्मियों को अच्छी राशि दी जाती थी। उस डेटा को गिरफ्तार साइबर ठगों को मुहैया कराया जाता था। उसी डेटा से साइबर ठग लोगों को फोन कर ठगी का किया शिकार बनाया करते थे।

इस मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी ने बताया कि पकड़े गए साइबर अपराधियों के ठिकानों से कई सामान बरामद हुए। इनमें नगद 7.98 लाख, 36 मोबाइल, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 32 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक, एक चेकबुक, पांच आधार कार्ड, 12 सिमकार्ड, एक माइक्रो एसडी कार्ड, 25 नोट बुक, एयरटेल पेमेंट बैंक के दो स्मार्ट स्पीकर व रिसिवर उपकरण, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एनपीएस प्राण कार्ड और आठ पैनकार्ड के अलावा एक बाइक शामिल है।
गिरफ्तार ठग पलामू और गढ़वा के रहने वाले
गिरफ्तार अभियुक्तों में रितिक सिंह, अजीत मेहता उर्फ अजित कुशवाहा, सूरज सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रजन, अविनाश, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम वर्मा शामिल हैं। गिरफ्तार दस साइबर अपराधी पलामू के विभिन्न इलाके के रहने वाले हैं। वहीं, एक साइबर अपराधी गढ़वा का रहने वाला है।

फ्लैट में ठगी का पूरा सेटअप था तैयार
गिरफ्तार साइबर ठग खुद को छात्र बताकर फ्लैट मालिक से मकान किराए पर लिया था। साइबर ठगों ने फ्लैट में पूरा सेटअप रखा था। यहीं से वे साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। सिटी एसपी ने बताया कि रांची के दो अपार्टमेंट के फ्लैट में ये सिंडिकेट ऑपरेट हो रहा था। उन्होंने बताया कि जांच चल रही है।

