केंद्र से मिला झारखंड को बड़ी सौगात, रांची में 6,000 करोड़ रुपये से बनेगी आउटर रिंग रोड
केंद्र से मिला झारखंड को बड़ी सौगात, रांची में 6,000 करोड़ रुपये से बनेगी आउटर रिंग रोड
झारखंड की राजधानी रांची में यातायात जाम की समस्या जल्द ही सुलझने की उम्मीद है। शहर में करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से आउटर रिंग रोड का निर्माण होने वाला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखकर इसका शुभारंभ कर दिया है
झारखंड की राजधानी रांची को बड़ी सौगात मिलने वाली है। शहर में 6,000 करोड़ रुपये की लागत से 195 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड बनाया जाएगा। इससे रांची और आसपास के क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और प्रॉपर्टी में निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत ओरमांझी में अंडरपास, रामपुर और इरबा में टनल का निर्माण भी होगा। इससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दो टनलों और फ्लाईओवर के निर्माण के प्रोजेक्ट की ऑनलाइन आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी मौजूद थे। उन्होंने इस मौके पर कई बड़े ऐलान किए।
ओवरब्रिज और अंडर पास टनल बनाई जाएंगी
केंद्र सरकार की ओर से झारखंड को 303 करोड़ की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की सौगात दी गई है। संजय सेठ ने कहा कि नेशनल हाईवे -33 पर रांची-जमशेदपुर रोड पर रामपुर चौक के पास ओवरब्रिज और रांची-हजारीबाग पर विकास चौक-इरबा के पास भूमिगत टनल का निर्माण होगा। इन दोनों निर्माणों को पूरा करने के लिए दो साल का लक्ष्य तय किया गया है।

45 हजार करोड़ से 1500 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण
उन्होंने कहा कि झारखंड में 17 हजार करोड़ रुपये की लागत से 450 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि रांची के आउटर रिंग रोड के लिए डीपीआर तैयार तैयार किया जा चुका है। इस 195 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के लिए 6,000 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। इसके अलावा 45 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1500 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
रांची को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने वाला प्रोजेक्ट
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-33 विकास (नेवरी चौक), रांची पर यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए ईपीसी मोड के तहत निर्माण किया जा रहा है। एनएच-33 पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव और भीड़भाड़ को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण है। आउटर रिंग रोड के बनने के बाद बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी।
इस प्रोजक्ट के तहत फोर लेन फ्लाईओवर का और 1.240 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट को अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
चार-लेन फ्लाईओवर और 1.240 किमी लंबी सुरंग का निर्माण
परियोजना के तहत चार-लेन फ्लाईओवर और 1.240 किमी लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यातायात तेज़, सुरक्षित और निर्बाध रहेगा। विकास (नेवरी) जंक्शन पर जमशेदपुर से हजारीबाग और कांके रिंग रोड को जोड़ने वाले लूप बनाए जा रहे हैं, जबकि रामपुर जंक्शन पर अंडरग्राउंड बॉक्स संरचना जमशेदपुर से रांची बायपास को जोड़ रही है।

परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना की कुल लंबाई 6.06 किमी है और कुल लागत 303.53 करोड़ है, परियोजना वर्तमान में निर्माणाधीन है। इस परियोजना को 26 दिसंबर 2025 को मंजूरी दी गई है। परियोजना को 25 दिसंबर 2027 को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क जाम से मिलेगी मुक्ति
इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित और तेज सफर का अनुभव मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ झारखंड में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

